लवकुश नगर बाजार का मामला | बाजार में आए सब्जी लेकर किसानों को पुलिस ने भगाया तो जानवरों को खिला दी हजारों की सब्जी

सब्जी लेकर आए किसान बोले – देर रात में लॉकडाउन अनाउंसमेंट होने के कारण हमको नहीं थी कोई जानकारी
इस कोरोना लॉकडाउन की जानकारी न होने के कारण साप्ताहिक गुरूवार बाजार में आए सब्जी विक्रेताओं को पुलिस और प्रशासन ने खदेड़ा तो अनेक दुकानदारों ने अपनी सब्जी पशुओं को ही खिला दी |
और शासन-प्रशासन को कोसते हुए घर वापस लौट गए। कलेक्टर ने 14 अप्रैल की रात 10 बजे से 22 अप्रैल की सुबह तक के लिए कोरोना lockdown लगाया है। गुरुवार 15 अप्रैल को लवकुशनगर में साप्ताहिक बाजार था।

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जानकारी न होने के कारण करीब एक सैकड़ा किसान अपनी सब्जी लेकर बाजार में आए। लेकिन उन्हें प्रशासन और पुलिस ने खदेड़ना शुरू कर दिया।
जबकि इन सब्जी विक्रेता किसानों ने सोशल डिस्टेंस में 1 मीटर की दूरी में बैठने की विनती की लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। इससे मायूस होकर अनेक किसानों ने अपने खून पसीने से तैयार की गई सब्जी को यूं ही छोड़ दिया और जानवरो को खिला दिया।
अनेक किसानों की सब्जी पशुओं ने खाकर कर खत्म कर दी। किसान राजू कुशवाहा का कहना था कि लवकुशनगर में देर रात में अनाउंसमेंट होने के कारण हमें कोई जानकारी नहीं थी।
ऐसे में हम अपने खेत से सब्जी तोड़कर ले आए। जिसको अब मजबूरी में फेंकना पड़ रहा है। इस सब्जी को वापस ले जाने के लिए हमारे पास किराया नहीं है। इसलिए मजबूरन फेंककर पशुओं को खिला दिया। अब पैसों के अभाव में पैदल घर जाएंगे।
बम्हौरी पुरवा से आए किसान विनोद कुशवाहा का कहना था कि जहां पर चुनाव हैं वहां कोई कोरोना नहीं है। लगता है हम गरीब किसानों के लिए ही कोरोना है अब अगर हमें धंधा पानी नहीं करने दिया जाता है तो भूखे मरने की नौबत आ जाएगी।

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